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नोटिस में कहा- 15 दिन के अंदर मेंटेनेंस, नहीं तो होगी कार्रवाई
उज्जैन | सिंहस्थ में बनाया एमआर-10 ब्रिज 19 माह में ही खराब हो गया है। यहां पर गड्ढे हो गए हैं तथा सीमेंट-कांक्रीट की ऊपरी सतह खत्म होने लगी है। ऐसे में वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ब्रिज के खराब होने के चलते सेतु निगम ने ठेकेदार को नोटिस जारी किया है।
देवासरोड को मक्सी रोड से जोड़ने के लिए फरवरी 2016 में एमआर-10 रेलवे ब्रिज का निर्माण किया गया था। सेतु निगम ने इसका ठेका कैबिनेट मंत्री राजेंद्र शुक्ल के भाई की कंपनी विनोद शुक्ल कंस्ट्रक्शन भोपाल को दिया था। 734 मीटर लंबे इस ब्रिज के निर्माण पर 24.76 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इसकी तीन साल की परफार्मेंस गारंटी है, जिसमें ठेकेदार की 20 प्रतिशत राशि विभाग के पास जमा है। ब्रिज खराब होने पर ठेकेदार को मेंटेनेंस करना है। रखरखाव के अभाव में ब्रिज खराब होने लगा है। भास्कर ने मौके पर जाकर पड़ताल की तो पाया कि टर्न पर गड्ढे हो गए हैं। यहां पर वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। सेतु निगम ने ठेकेदार को नोटिस जारी कर 15 दिन में मैंटेनेंस के आदेश दिए हैं।
यह है कार्रवाई का प्रावधान
परफार्मेंस गारंटी में ठेकेदार को रख-रखाव करना होता है। नोटिस अवधि में ठेकेदार मेंटेनेंस नहीं करता है तो उसकी जमा राशि जब्त की जाती है। इस राशि से दूसरा ठेका दिया जाकर कार्य करवाया जाता है।